Rajpal Yadav को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली। चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहां Rajpal Yadav ने अब तक बकाया राशि का एक बड़ा हिस्सा जमा कर दिया है। इसलिए सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि फिलहाल उनको वापस जेल नहीं भेजा जाएगा।इस मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी। कोर्ट ने यह सुनिश्चित कर दिया कि अगली तारीख को टाला नहीं जाएगा। और इस मामले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। कोर्ट ने इस मामले को राजपाल यादव के लिए आखिरी मौका देने को कहा है।
आज जमा हुआ 25 लाख का डिमांड ड्राफ्ट
सुनवाई के दौरान कोर्ट में Rajpal Yadav के वकील ने कहा कि राजपाल ने शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड 4.25 करोड रुपए की राशि चुका दी गई है। वकील ने आज कोर्ट में 25 लख रुपए का डिमांड ड्रॉफ्ट जमा कर दिया है।इसके साथ ही कोर्ट में राजपाल यादव के वकील ने रेगुलर बेल की अर्जी भी दी है। क्योंकि राजपाल यादव की अंतरिम जमानत आज समाप्त हो रही है।
क्या लोन लिया था।
कोर्ट की सुनवाई के दौरान Rajpal Yadav से सीधा सवाल पूछा क्या उन्होंने लोन लिया था। इस पर एक्टर Rajpal Yadav ने स्वीकार किया कि हां उन्होंने पैसे लिए थे। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा राजपाल यादव को पहले भी पैसे लौटाने के कई मौके दिए गए थे। लेकिन उन्होंने समय पर कोई भुगतान नहीं किया। कोर्ट ने राजपाल यादव के लिए आखरी मौके की तरह देखने को कहा है।
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जेल में रहने से हुआ भारी नुकसान।
Rajpal Yadav ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 2016 के आदेश के अनुसार 10.40 करोड रुपए चुकाने थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने दोस्त की प्रॉपर्टी के दस्तावेज जिनकी कीमत लगभग 28 करोड रुपए थी। सुरक्षा के तौर पर दिए थे।राजपाल यादव ने आरोप लगाया की दूसरा पक्ष पैसे लेने की बजाय उन्हें जेल भेजने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है। राजपाल यादव ने कहा जेल जाने के बाद से उनकी और आर्थिक स्थिती बिगड़ गई है। एक फिल्म प्रोजेक्ट में 22 करोड रुपए का घाटा हो गया।
जेल जा चुके Rajpal Yadav
चेक बाउंस मामले में इन दोनों Rajpal Yadav कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। यह मामला साल 2010 में उनकी एक फिल्म आता पता लापता के लिए कर्ज से जुड़ा हुआ है। राजपाल यादव ने बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल से 5 करोड रुपए ब्याज पर उठाए थे।ब्याज और पेनल्टी के कारण रकम बढ़ती चली गई। राजपाल यादव ने इस मामले में 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेडर किया था। फिलहाल उन्हे 1 अप्रैल तक अंतरिम जमानत दी गई है। अब देखना यह है। 1 अप्रैल को इस केस पर क्या फैसला आता है।
चेक बाउंस क्या होता है।
जब भुगतान पाने वाला व्यक्ति बैंक में चेक जमा करता है। और बैंक अपर्याप्त राशि न होने के कारण चेक को बिना भुगतान के वापस कर देता है। उस चेक को बाउंस चेक कहा जाता है। 1881 की धारा 138 के अंतर्गत यह अपराध है। इस अपराध में 2 साल तक की कैद और चेक बाउंस की दुगनी राशि देने तक का जुर्माना शामिल है।
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