आज के समय में फैटी लीवर की समस्या बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। यंग युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। खास बात यह है कि कुछ लोग शराब नहीं पीते फिर भी उनको नॉन एल्कोहल फैटी लिवर हो रहा है। फैटी लीवर उसे वक्त बनता है जब लीवर में जरूर से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। अगर समय रहते इसे रोका न जाए तो यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। जैसे सिरोसिस या लिवर फेलियर तक का कारण बन जाती है।
डॉक्टरों के अनुसार आजकल का खान पान और जीवनशैली जंक फूड और शारीरिक गतिविधि की कमी इस बीमारी को तेजी से बढ़ा रही है। अच्छी बात यह है कि अगर इसे शुरूआती अवस्था में ही पहचान लिया जाए तो अपने खान-पान और लाइफ स्टाइल से नियंत्रित किया जा सकता है।
नॉन एल्कोहल फैटी लिवर क्या है।
नॉन एल्कोहल फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है। इस स्थिति में लीवर की कोशिकाओं में वास यानी की फैट जमा होने लगता है। जबकि व्यक्ति शराब का सेवन नहीं करता या फिर बहुत ही कम करता है। यह बीमारी अक्सर मोटापा ,डायबिटीज हाई कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी होती है। शुरुआत में इसके स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। इसलिए इसे साइलेंट डिजीज भी कहा जाता है।
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फैटी लीवर के लिए जिम्मेदार ये 9 गलत आदतें हैं।

ज्यादा जंक फूड खाना जैसे बर्गर पिज़्ज़ा चाऊमीन मोमोज इन सब में फैट और शुगर ज्यादा होता है। जिससे लीवर में फैट जमा होने लगता है।
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करना इसके कारण शरीर में फैट जमा होता जाता है।डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल यह दोनों चीज फैटी लीवर के खतरे को बढ़ा देती है।
ज्यादा तनाव लगातार हार्मोनल बदलाव पैदा करती है। मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है।फैटी लीवर के शुरुआती संकेत फैटी लिवर अक्सर बिना लक्षण के बढ़ता है, लेकिन कुछ संकेत दिखाई दे सकते हैं।लगातार थकान महसूस होना पेट के दाहिने हिस्से में हल्का दर्द पेट के आसपास चर्बी बढ़ना भूख कम लगना कमजोरी या सुस्ती महसूस होनाइन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि समय के साथ यह समस्या गंभीर हो सकती है।
मीठी और सॉफ्ट ड्रिंक का ज्यादा सेवन।
हेल्दी लिवर के लिए अपनाएं ये 8 टिप्स
अगर आप अपने लिवर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो इन आदतों को अपनाना जरूरी है। 1. रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें तेज चलना, योग, साइकिलिंग या जॉगिंग लिवर के लिए बहुत फायदेमंद है। 2.संतुलित आहार लें अपने भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें। 3 जंक फूड कम करें फ्राइड और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं। 4 चीनी और मीठे पेय कम करें ज्यादा चीनी लिवर में फैट जमा करती है। 5 वजन नियंत्रित रखें सिर्फ 5–10% वजन कम करने से भी लिवर की स्थिति बेहतर हो सकती है। 6 नियमित हेल्थ चेकअप कराएं समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट कराना जरूरी है।7 पर्याप्त पानी पिएं पानी शरीर से विषैले पदार्थ निकालने में मदद करता है।8 तनाव कम करें और अच्छी नींद लें ध्यान, योग और सही नींद शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखते हैं।
फैटी लीवर की जांच कैसे होती है
फैटी लीवर की पहचान करने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इन जांचों से यह पता लगाया जाता है कि लीवर में कितना फैट जमा है और लीवर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।सबसे पहले लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) कराया जाता है। इससे लीवर एंजाइम के स्तर का पता चलता है।इसके अलावा अल्ट्रासाउंड की मदद से भी लीवर में फैट जमा होने का पता लगाया जा सकता है। कुछ मामलों में डॉक्टर फाइब्रोस्कैन या सीटी स्कैन कराने की भी सलाह देते हैं।अगर समस्या ज्यादा गंभीर हो तो लीवर की स्थिति जानने के लिए बायोप्सी भी की जा सकती है।इन जांचों के जरिए डॉक्टर यह तय करते हैं कि फैटी लीवर किस स्टेज में है और उसका इलाज कैसे किया जाना चाहिए।

