दिल्ली के राजेंद्र नगर में हुए हादसे के बाद कोचिंग सेंटर के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया। कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई। इन तीनों छात्रों की पहचान श्रेया यादव, तानिया सोनी,नेविन डेल्विन के नाम से हुईं।
- Haryana- Nyuntam-Vetan- 2026: ₹15,220 से ₹18,500 तक नई सैलरी, जानें पूरे नियम
- डॉ. भीमराव आंबेडकर का जीवन: संघर्ष, शिक्षा और संविधान निर्माता की प्रेरक कहानी
- OTP Scam – OTP फ्रॉड क्या है और इससे कैसे बचें – Full Guideness
- Bank Account Freeze : अकाउंट फ्रीज क्यों होता है और तुरंत Unfreeze कैसे करें ?
- Loan EMI Miss होने पर क्या होता है ? बैंक क्या कर सकता है और क्या नहीं
पुलिस ने BNS की धारा 105( गैर इरादत हत्या) 106( लापरवाही से मृत्यु) और धारा 115 और 290 35 के तहत मामला दर्ज कर लिया। सेंटर मैनेजमेंट के लोग जांच के दायरे में है।
बेसमेंट का इस्तेमाल स्टोरेज के लिए होना था।
आज तक की टीम को मिली फायर एनओसी की कॉपी के मुताबिक, पता चला बेसमेंट का इस्तेमाल सिर्फ स्टोरेज के लिए क्या जाना था। डीएफएस के प्रमुख का कहना है। कि यह स्पष्ट उल्लंघन है। हम कार्रवाई करने के लिए डीसीपी और एमसीडी को लिखेंगे। बेसमेंट को स्टोरेज के उद्देश्य से एनओसी दी गई थी। जिसका कोचिंग सेंटर ने उल्लंघन किया और छात्रों को वहां बैठा दिया गया।
हादसे वाले दिन क्या हुआ था
दिल्ली के राजेन्द्र नगर में 27 जुलाई कीशाम को एक दर्दनाक हादसा हो गया। कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रोंकी मौत हो गई , यहां पर सिविल सर्विस की छात्रा तैयारी कर रहे थे। कोचिंग सेंटर के बहर भारी बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया था। और वही पानी IAS की बेसमेंट में भरने लगा। पुलिस अधिकारियोंके अनुसार जिस समय बेसमेंट मेंपान भरा वहां पर 35 छात्र छात्राएं मौजूद थे। । पहले तो छात्रों ने कोचिंग सेंटर के कर्मचारियों ने फसे लोगों को बचाने का प्रयास कया। ज्यादात रछात्रों को वह बाहर निकलना में सफल रहे। और कुछ अंदर ही फंसे रह गए, पानी तेजी से भरनेके कारण फायर बिग्रेड को सूचना दी गई। जब तक रेस्क्यू टीम कोचिंग सेंटर पहुंची जब तक बेसमेंट में पूरी तरह से पानीभर चुका था।
Read more: दिल्ली के राजेंद्र कोचिंग सेंटर हादसे में, मलिक और और कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार,-
जानिए आइंस्टीन और उसके ड्राइवर की कहानी।
आइंस्टीन के जो ड्राइवर थे। उन्होंने 1 दिन आइंस्टीन से कहा सर आप हर सभा में जो भाषण देते हैं वह मैंने याद कर लिया है। यह सुनकर आइंस्टीन हैरान रह गए फिर आइंस्टीन ने कहा, ठीक है, मैं अगली बैठक में जा रहा हूँ। वे लोग मुझे नहीं जानते आप मेरे…
-
जानिए एक डाकू बौद्ध भिक्षु कैसे बना।
डाकू अंगुलिमाल लोगों को मारकर उनकी हाथ। की उंगलियों की माला बनाकर गले में पहनता था। इसलिए ही उसका नाम अंगुलिमाल पड़ा। लेकिन उसके बचपन का नाम अंगुलीमाल नहीं था।और न ही वह बचपन में हिंसक था। वह तो एक भटका हुआ विद्यमान ब्राह्मण था। जिसे गुरु के श्राप के कारण लोगों की हत्या कर…
-
सम्राट अशोक अशोक महान क्यों कहलाया जानिये
सम्राट अशोक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण राजा में से एक थे और वे मौर्य वंश के सम्राट थे। वे भारतीय इतिहास में अशोक महान या धर्माशोक के नाम से भी जाने जाते हैं। अशोक का शासनकाल सन् 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक था। अशोक का पूरा नाम सम्राट अशोक मौर्य था,…

