कुवैत में लगी भीषण आग मैं 45 भारतीयों की गई थी जान,शव को लेकर भारतीय वायु सेना का विमान शुक्रवार की सुबह कोच्चि पहुंचा,

कुवैत में आग लगने की घटना में मारे गए 45 भारतीयों का पार्थोव शरीर लेकर भारतीय वायु सेना का विमान शुक्रवार की सुबह कोच्चि पहुंचा विमान में राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह भी मौजूद थे। जिन्होंने शीघ्र ही वापसी सुनिश्चित करने के लिए कुवैत के अधिकारियों के साथ कार्डनिट किया।

 

विमान के कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही एर्नाकुलम के डीआईजी पुट्टा विमल आदित्य ने कहा हमने शवों को प्राप्त करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। और हमने पीड़ितों के परिवार के साथ भी बातचीत की जैसे ही शव मिल जाएंगे तो उचित तरीके से उन्हें उनके स्थान तक ले जाया जाएगा। 23 शव केरल के हैं। सात तमिलनाडु के और एक कर्नाटक का है।
 
 
भारतीय दूतावास ने पोस्ट कर कर दी जानकारी।
 
विमान कुवैत से रवाना होने से पहले, कुवैत में स्थित भारतीय दूतावास भारतीय वायु सेना के विशेष विमान रवाना होने से जुड़ी खबर एक्श पर पोस्ट की भारतीय दूतावास ने पोस्ट में लिखा कुवैत में आग लगने की घटना में 45 भारतीयों के शव को वायु सेना का विशेष विमान कोच्चि के लिए रवाना हो गया।
 
इमारत में आग लगने से 49 लोगों की हुई थी मौत। दक्षिण कुवैत के मगाफ क्षेत्र में बुधवार को एक बहुमंजीला इमारत में भिषन आग लग गई। जिसमें 49 विदेशी लोगों की मौत हो गई। और 50 अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री रक्षा मंत्री ने बताया था कि 48 शवो की पहचान कर ली गई है। में जिनमें 45 भारतीय नागरिक है।
 
केरल सरकार ने मरने वालों को पांच-पांच लाख रुपए देने का ऐलान किया था।
 
  • क्या है भगवान जगन्नाथ मंदिर पुरी के खजाने का रहस्य !

    जगन्नाथ मंदिर पुरी (ओडिशा) का रत्न भंडार यानी खजाना 46 वर्षों बाद एक बार फिर खोला गया है। यह ऐतिहासिक घटना 1978 के बाद 14 जुलाई 2024 को हुई है , इससे पहले 1982 और 1985 में भी रत्न भंडार खोला गया था, लेकिन तब केवल भगवान जगन्नाथ के विशेष आभूषण निकालने के लिए खोला…

  • 42वां संविधान संशोधन 1976 -भारत का मिनी संविधान…

    42वां संविधान संशोधन- भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसमें समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। लेकिन 1976 में हुए 42वें संविधान संशोधन को सबसे बड़ा और विवादित बदलाव माना जाता है। इसे कई बार ‘मिनी संविधान’ भी कहा जाता है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि 42वां संशोधन क्या था,…

  • जाने आप कौन है ? मजदूर ,कारीगर या फिर कलाकार ? जीवन की सच्चाई…

    जब भी हम किसी काम को होते हुए देखते हैं – चाहे वो इमारत बनती हो, लकड़ी पर नक्काशी होती हो या किसी चित्रकार की पेंटिंग बनती हो – तो हमें केवल “काम” दिखता है। लेकिन उस काम के पीछे जो व्यक्ति है, उसकी सोच, उसकी मेहनत और उसका जज़्बा अलग-अलग स्तरों पर होता है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *