पिछले कुछ सालों से हमारे देश में ऑनलाइन कैब बुकिंग ऐप्स तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। और आज भारत के हर शहर में ऑनलाइन कैब बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। इन ऐप्स की मदद से आप कहीं भी आसानी से कैब बुकिंग करवा सकते हैं।।
अगर पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध न होने की स्थिति में यह ऐप काफी मददगार साबित होते हैं। इन ऐप्स के अंदर जीपीएस ट्रेडिंग और यात्रा में लगने वाले अनुमानित और समय के साथ-साथ यह भी एडवांस पता चल जाता है। की टोटल किराया कितना होगा। यह ऐप्स जब सुविधाजनक हो जाते हैं जब आप किसी ने शहर की यात्रा पर हो।।
अब इन कैब बुकिंग ऐप्स के जरिए कस्टमर के साथ ठगी की घटनाएं भी सामने आ रही है। कुछ दिन पहले दिल्ली में कैब सर्विस कंपनी ड्राइवर के द्वारा फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर ग्राहक से दुगना पर आया तो सुनने का एक मामला सामने आया था। और इसी तरह ऊपर को कुछ शिकायत बेंगलुरु से भी मिली। यह कैब ड्राइवरों द्वारा किया जा रहा है एक स्कैम है।
ऊपर में इस टाइम को लेकर कस्टमरों को सावधान किया है। ऊबर ने बताया है कि है कि यह एक फेक फेयर स्कैम है, जिसे दिखाकर उबर ड्राइवर कस्टमर से ज्यादा किराया वसूल सकता है। इससे आपको सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है।
फेक फेयर स्कैम क्या है।
फेक फेयर स्कैम कैब ड्राइवर्स द्वारा लोगों के साथ किए जाने वाला एक स्कैम है। जिसमें ड्राइवर लोगों को ड्राप करने के बाद असली स्क्रीन की बजाए एक नकली स्क्रीन दिखाते हैं। और उसमें असली किराए से ज्यादा किराए लिखा रहता है।
लोग ज्यादातर ऐप मैं किराया चेक करने की बजाय ड्राइवर के द्वारा दिखाया गया स्क्रीनशॉट पर भरोसा कर लेते हैं।
आप फेक फेयर स्कैम से कैसे बच सकते हैं।
फेक फेयर स्कैम का शिकार होने से बचने के लिए ड्राइवर और कार की वास्तविक जानकारी जरुर चेक करें। और साथी ड्राइवर को ओटीपी पिन देने से पहले एक बार आप अपनी करंट लोकेशन और डेस्टिनेशन जरूर चेक करनी चाहिए। इसके अलावा पेमेंट करने से पहले यह जरूर देखें कि ड्राइवर द्वारा बताए किराया और आपके मोबाइल में दिख रहा किराया दोनों एक जैसा ही है या नहीं।।

