डिजिटल युग में लेनदेन का तरीका तेजी से बदल रहा है। आज के समय मे लोग कैश की जगह डिजिटल पेमेंट का अधिक उपयोग कर रहे हैं। UPI (Unified payment interface) ने इस क्षेत्र में क्रांति ला दी है। अब UPI के माध्यम से न केवल पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं, बल्कि क्रेडिट लिमिट का लाभ भी उठाया जा सकता है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि UPI क्रेडिट लिमिट क्या है, इसके फायदे, नुकसान, और इसे कैसे एक्टिवेट किया जा सकता है। जिससे आप यूपीआई क्रेडिट लिमिट का लाभ ले सके
UPI Credit limit क्या है ?
UPI क्रेडिट लिमिट एक ऐसी सुविधा है जिसके जरिए यूजर्स अपने बैंक खाते से सीधे भुगतान न करके, बैंक द्वारा दी गई क्रेडिट लिमिट का उपयोग कर सकते हैं। इसे क्रेडिट कार्ड की तरह समझा जा सकता है, यह सुविधा डिजिटल प्लेटफॉर्मस UPI ऐप्स जैसे – PhonePe, Google Pay, Paytm पर उपलब्ध होती है।
जब आपके पास बैंक खाते में बैलेंस न हो, तब भी आप UPI क्रेडिट लिमिट का उपयोग कर सकते हैं। बैंक इस सुविधा के लिए आपके क्रेडिट स्कोर और लेनदेन रिकॉर्ड को चैक करता है।
UPI क्रेडिट लिमिट के मुख्य फायदे :
1. इमरजेंसी का साथी : अगर कभी आपके पास पैसे नहीं है और आपको कोई जरूर ट्रांजैक्शन करनी है तो आप UPI क्रेडिट लिमिट की सहायता से भुगतान कर सकते हैं।
2. आसानी से प्राप्त : अगर आपको अपनी यूपीआई क्रेडिट लिमिट को एक्टिवेट करना है तो आप कुछ ही स्टेप्स में इसे एक्टिवेट करके इसका लाभ ले सकते हैं ।
3. बिना ब्याज टाइम पीरियड का फायदा : यूपीआई क्रेडिट लिमिट में आपको एक निर्धारित समय मिलता है जैसे 30 या 50 दिन इस बीच आपको कोई भी ब्याज नहीं देना होता और एक निश्चित तारीख को अपना भुगतान करना होता है।
4. डिजिटल और कैशलेस भुगतान : जब कभी भी आप किसी प्लेटफार्म पर शॉपिंग करते हैं या कोई खरीदारी करते हैं तो आप आसानी से उनका क्यूआर कोड स्कैन करके या फिर अन्य ऑप्शन से भुगतान कर सकते हैं। बाहर जाते समय आपको अधिक कैश रखने की भी जरूरत नहीं पड़ती है और आप कभी भी कहीं भी भुगतान कर सकते हैं।
5. क्रेडिट कार्ड का अल्टरनेटिव ऑप्शन : अगर किसी व्यक्ति को बैंक क्रेडिट कार्ड जारी नहीं करता या वह व्यक्ति क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करना चाहता तो उनके लिए यूपीआई क्रेडिट लिमिट एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
6. लोन लेने में सहूलियत : यूपीआई क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल करने से ग्राहक का सिबिल स्कोर भी बढ़ता है और बैंक रिकॉर्ड में उसकी उपस्थिति दर्ज करता है। अगर ग्राहक समय से इसकी पेमेंट करता है तो भविष्य में बैंक या एनबीएफसी आसानी से लोन दे देती है।
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UPI क्रेडिट लिमिट के नुकसान :
ऊपर हमने यूपीआई क्रेडिट लिमिट के फायदो के बारे में जाना है लेकिन आपको इसके कुछ नुकसान भी जान लेना चाहिए।
1. ब्याज का भार : यदि ग्राहक अपने द्वारा इस्तेमाल की गई राशि का भुगतान समय पर नहीं करता है तो ग्राहक को उसे पर ब्याज भी देना पड़ सकता है। यह ब्याज सभी बैंकों और एनबीएफसी कंपनी का अलग-अलग होता है। ब्याज के बारे में आपको यूपीआई क्रेडिट लिमिट लेते समय अच्छे से पढ़ लेना चाहिए।
2. क्रेडिट स्कोर ख़राब होना : अगर ग्राहक समय पर भुगतान नहीं करता है। तो इससे ग्राहक का क्रेडिट स्कोर दिन प्रतिदिन खराब हो सकता है। जिस कारण से ग्राहक भविष्य में बैंक या एनबीएफसी से कोई भी लोन या उधार नहीं ले सकता ।
3. अतिरिक्त चार्जिस और पेनल्टी : अगर ग्राहक इस्तेमाल की गई राशि का भुगतान समय पर नहीं करता है तो उसे ब्याज के साथ-साथ कुछ अन्य चार्ज भी देने पड़ सकते है । यह चार्ज यूपीआई क्रेडिट लिमिट प्रदान करने वाली वित्तीय संस्था पर निर्भर करता है कि वह लेट पेमेंट पर क्या चार्ज वसूल रही है। कुछ एक्स्ट्रा चार्ज जैसे : लेट पेमेंट फीस, जीएसटी, आदि ।
4 बजट ख़राब होना : यूपीआई क्रेडिट लिमिट ग्राहक के बजट को प्रभावित कर सकती है । क्योंकि क्रेडिट लिमिट पर खरीदारी से कोई भी ग्राहक अपने बजट से बाहर जाकर खरीदारी कर सकता है। यह ग्राहक को कर्ज में फंसा सकती है। इसलिए यूपीआई क्रेडिट लिमिट को बहुत ही सावधानी और जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करना चाहिए।
UPI क्रेडिट लिमिट एक्टिवेट करने का सही तरीका।
1. UPI ऐप डाउनलोड करें : ज्यादातर लोग फोन पे , गूगल पे या पेटीएम जैसे यूपीआई एप्स का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो इनमें से किसी भी आपको डाउनलोड कर सकते हैं।
2. बैंक खाता लिंक करें : अगर आप फर्स्ट टाइम ऐप लॉगिन कर रहे हैं तो मांगी जाने वाली सभी जरूरी डीटेल्स भरे और अपना बैंक खाता लिंक करें। और इसके बाद यूपीआई क्रेडिट लिमिट के ऑप्शन को सेलेक्ट करना है।
और स्टेप बाय स्टेप मांगी जाने वाली सभी डिटेल्स को भरना है। आखिर में आपसे पिन सेट करने के लिए कहा जाएगा जरूरी डीटेल्स देकर पिन सेट करें।
3. यूपीआई क्रेडिट लिमिट अप्रूवल : जब आप अपनी सभी जरूरी जानकारी सबमिट कर देंगे तो यूपीआई क्रेडिट लिमिट प्रदान करने वाली संस्था आपकी जरूरी जानकारी इंटरनली चेक करेगी । और आपकी क्रेडिट लिमिट को एक्टिवेट कर देगी। एक्टिवेट करने की इस प्रक्रिया में आपको 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है । और अगर आप पुराने ग्राहक हैं तो यह 10 से 15 मिनट में भी एक्टिवेट कर दी जाती है।
चेतावनी : यूपीआई क्रेडिट लिमिट एक्टिवेट करते समय इसके सभी नियम को ध्यान से पढ़ें और उन्हीं को ध्यान में रखकर अपनी यूपीआई क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल करें और इंजॉय करें।
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आखिर में कुछ :
UPI क्रेडिट लिमिट सुविधा का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। यह इमरजेंसी में बेहद फायदेमंद हो सकता है, लेकिन अगर इसका दुरुपयोग किया गया तो यह आर्थिक संकट का कारण भी बन सकता है। और ग्राहक को कर्ज के जाल में फंसा सकता है । हमेशा समय पर भुगतान करें और क्रेडिट सीमा का विवेकपूर्ण उपयोग करें। हर सिक्के के दो पहलू होते हैं सही और गलत एक बार आप पर करता है कि आप उसे किस तरह इस्तेमाल में लाते हैं।
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