दिल्ली के राजेंद्र नगर में हुए हादसे के बाद कोचिंग सेंटर के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया। कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई। इन तीनों छात्रों की पहचान श्रेया यादव, तानिया सोनी,नेविन डेल्विन के नाम से हुईं।
- फैटी लीवर क्यों होता है? जानिए 9 गलत आदतें और लिवर को स्वस्थ रखने के 8 आसान उपाय
- बादशाह टटीरी विवाद: हरियाणा में फोक गीत पर केस, रैपर ने मांगी माफी
- Sanju Samson T20 World Cup 2026: Player of the Tournament बनकर रचा इतिहास
- पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड 2026: दिल्ली में महिलाओं की फ्री बस यात्रा अब डिजिटल, जानें पूरी प्रक्रिया
- दिल्ली मेट्रो मैत्री स्टैचू कौन है? जानिए पूरी सच्ची कहानी
पुलिस ने BNS की धारा 105( गैर इरादत हत्या) 106( लापरवाही से मृत्यु) और धारा 115 और 290 35 के तहत मामला दर्ज कर लिया। सेंटर मैनेजमेंट के लोग जांच के दायरे में है।
बेसमेंट का इस्तेमाल स्टोरेज के लिए होना था।
आज तक की टीम को मिली फायर एनओसी की कॉपी के मुताबिक, पता चला बेसमेंट का इस्तेमाल सिर्फ स्टोरेज के लिए क्या जाना था। डीएफएस के प्रमुख का कहना है। कि यह स्पष्ट उल्लंघन है। हम कार्रवाई करने के लिए डीसीपी और एमसीडी को लिखेंगे। बेसमेंट को स्टोरेज के उद्देश्य से एनओसी दी गई थी। जिसका कोचिंग सेंटर ने उल्लंघन किया और छात्रों को वहां बैठा दिया गया।
हादसे वाले दिन क्या हुआ था
दिल्ली के राजेन्द्र नगर में 27 जुलाई कीशाम को एक दर्दनाक हादसा हो गया। कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रोंकी मौत हो गई , यहां पर सिविल सर्विस की छात्रा तैयारी कर रहे थे। कोचिंग सेंटर के बहर भारी बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया था। और वही पानी IAS की बेसमेंट में भरने लगा। पुलिस अधिकारियोंके अनुसार जिस समय बेसमेंट मेंपान भरा वहां पर 35 छात्र छात्राएं मौजूद थे। । पहले तो छात्रों ने कोचिंग सेंटर के कर्मचारियों ने फसे लोगों को बचाने का प्रयास कया। ज्यादात रछात्रों को वह बाहर निकलना में सफल रहे। और कुछ अंदर ही फंसे रह गए, पानी तेजी से भरनेके कारण फायर बिग्रेड को सूचना दी गई। जब तक रेस्क्यू टीम कोचिंग सेंटर पहुंची जब तक बेसमेंट में पूरी तरह से पानीभर चुका था।
Read more: दिल्ली के राजेंद्र कोचिंग सेंटर हादसे में, मलिक और और कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार,-
Sindhu Sabhyata क्या सिंधु सभ्यता अखंड भारत की विरासत है ? पूरा इतिहास..
Spread the loveSindhu Sabhyata True History Sindhu Sabhyata – क्या आपने कभी सोचा है कि आज से हज़ारों साल पहले, जब न बिजली थी, न इंटरनेट, तब लोग कैसे रहते होंगे ? क्या वे असभ्य इन्सान थे ? या फिर हमसे कहीं ज़्यादा शक्तिशाली और संगठित जितना हम सोच भी नहीं सकते ? सिंधु घाटी…
-
Heatwave: कितनी गर्मी तक जिंदा रह सकता है इंसान ! अगर तापमान…
Spread the loveHeatwave- Kitni Garmi jhel skta h insaan Heatwave– हर साल जैसे ही गर्मी का मौसम आता है, तापमान नये रिकॉर्ड तोड़ने लगता है। कुछ शहरों में यह 45 से 50 डिग्री तक पहुंच जाता है इसके साथ ही हीटवेव और लू जैसे नाम भी चर्चा में आ जाते हैं। लेकिन एक आम इंसान…
-
DigiPIN- बंद होंगे पुराने एड्रेस PIN कोड, आ गया डिजिटल एड्रेस सिस्टम…
Spread the loveडिजिटल एड्रेस सिस्टम पूरी जानकारी.. इस डिजिटल युग में अब लगभग सब कुछ डिजिटल हो रहा है, भारत अब अपने पुराने 6 अंकों वाले PIN code को पीछे छोड़, एक नये और अत्याधुनिक डिजिटल एड्रेस सिस्टम की ओर बढ़ रहा है, इसका नाम है डिजीपिन ,आइए विस्तार से समझते हैं कि डिजीपिन क्या…

