जरूरत की खबर – फर्जी ई चालान से 3 लाख की ठगी, साइबर ठागो के निशाने पर ट्रैफिक चालान,

जरूरत की खबर - फर्जी ई चालान से 3 लाख की ठगी, साइबर ठागो के निशाने पर ट्रैफिक चालान,पिछले कुछ महीनो में ई चालान के नाम पर साइबर ठगी के मामले बहुत बड़े हैं। इस मामले में साइबर ठग चलान से जुड़े मैसेज भेज कर वाहन के मालिकों को आसानी से अपना निशाना बना रहे हैं।

पिछले कुछ महीनो में ई चालान के नाम पर साइबर ठगी के मामले बहुत बड़े हैं। इस मामले में साइबर ठग चलान से जुड़े मैसेज भेज कर वाहन के मालिकों को आसानी से अपना निशाना बना रहे हैं।

हाल ही में मुंबई के पैडर रोड इलाके का एक बिजनेसमैन ई चलान स्कैम का शिकार हो गया। इसमें युवक को उसकी कार का ई चलान भरने के लिए एक मैसेज मिला। मैसेज में उसके वहां का पंजीकरण नंबर भी शामिल था। और मैसेज में उसे vahaparivahann .apk नाम के ऐप को इंस्टॉल कर के जुर्माना भरने के लिए कहा गया था।

युवक ने सभी दिशा निर्देश का पालन किया लेकिन भूगतान के माध्यम से नहीं हो पाया एक हफ्ते बाद उसके क्रेडिट कार्ड से 3 लाख के 31 फर्जी लेन देन हुए ।असल में युवक ने जो ऐप इंस्टॉल किया था वह नकली था और साइबर ठागो ने फर्जी ई चलान भेजा था।

ई-चलान स्कैम क्या है।

एक तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी है इसमें साइबर ठग वाहन मालिकों को निशाना बनाते हैं। इसके लिए साइबर ठग फर्जी चालान का एक मैसेज भेजते हैं। इस मैसेज में लिखा है कि आपने ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन किया है इसलिए आप पर जुर्माना लगाया गया है मैसेज में जुर्माना भरने के लिए एक वेबसाइट का लिंक दिया जाता है। जब कोई व्यक्ति उसे लिंक पर क्लिक करता है तो फर्जी वेबसाइट खुल जाती है जिसके बाद व्यक्ति की पर्सनल और फाइनेंशियल जानकारी हैंग हो जाती है इसी तरह कोई भी इस स्कैम का शिकार बन सकता है।

ई-चालान फ्रॉड से कैसे बचे।

चलन रोड से बचने के लिए साइबर पुलिस ने वाहन मालिकों को जल्दबाजी में भुगतान न करने की सलाह दी है वाहन मालिकों को सबसे पहले ऑफिशल साइट पर जाकर चालान की प्रमाणिकता की पहचान करनी चाहिए। ऑफिशल साइट पर वाहन नंबर ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करके जांच करनी चाहिए।

किसी भी अनजान मैसेज में आए लिंक पर क्लिक न करें।

साइबर ठग अक्सर एसएमएस व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए फर्जी ही चालान का मैसेज भेजते हैं। अगर आपको भी कोई ऐसा मैसेज मिलता है जिसमें दावा किया जा रहा है कि आपने ट्रैफिक नियमों को उल्लंघन किया है तो इस तरह के मैसेज में दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।

असली ई चालान लिंक को कैसे पहचान सकते हैं।

ई-चालान के असली और नकली लिंग के बीच अंतर होता है इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने अपनी एक्टिविटी पोस्ट में बताया कि असली चालान मैसेज में इंजन नंबर वहां पहचान संख्या‌ vin और आपके वाहन के बारे में अन्य जानकारी भी शामिल होती है।

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