AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात जब भी होती है, तो एलन मास्क का नाम स्वाभाविक रूप से चर्चा में आ जाता है। इंक ट्विटर की बात (अब एक्स) की हो या आधुनिक तकनीक की दुनिया की—एलन मस्क का नया चैटबोट ग्रोक इन दिनों काफी चर्चा में है। लेकिन सवाल यह है कि ग्रोक आखिर है क्या ? और यह किस तरह से काम करता है ?
इस लेख में हमने ग्रोक से जुड़ी हर जानकारी की जानकारी दी है, जो आपको बेहद आसान और सरल भाषा में मिलेगी।
ग्रोक क्या है ?
Grok– एक एडवांस्ड आर्टिफिशियल चैटबॉट है, जिसे एलन मस्क की स्टूडियो कंपनी xAI द्वारा विकसित किया गया है। इसे ट्विटर (एक्स) के लिए डिज़ाइन किया गया है। ग्रोक का नाम “टू ग्रोक” शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है “किसी चीज को पूरी तरह से ठीक करना या प्रमाणित करना।”
यह चैटबॉट न सिर्फ सवालों के जवाब देता है, बल्कि इंसानों की तरह बातचीत करता है। ग्रोक की सबसे खास बात यह है कि यह हास्य से भरपूर और व्यंग्यात्मक जवाब देता है जो इसको लोकप्रिय बना रहा है, जब कोई ग्रोक से बात करता है तो उसे लगता है जैसे वह अपने किसी दोस्त से बात कर रहा है जो इसे अन्य एआई टूल्स से अलग बनाता है।
ग्रोक क्यों और कैसे बनाया गया ?
एलन मस्क ने जुलाई 2023 में xAI के तहत एआई रिसर्च और डॉक्यूमेंट्री शुरू की। उनका उद्देश्य एक ऐसा चैटबॉट बनाना था जो सिर्फ सामान्य जानकारी तक सीमित न हो, बल्कि तर्क पूर्ण उत्तर दे सके , उत्साह सोच दिखा सके, इंसानों जैसी समझ और संवेदनाएं रख सके और बातों में कुछ हास्य यानी व्यंग्यात्मक तरीका भी शामिल कर सके।
मस्क का मानना है कि एआई को इंसानों जैसा बनाना चाहिए—जो भावनात्मक और सटीक हो ।

AI छवि
ग्रोक की मुख्य विशेषताएं :
1. Grok को ट्विटर (X) उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है जिससे वे चैटबॉट के साथ रियल-टाइम में बात कर सकें।
2. स्वतंत्र और रहस्यमय उत्तर : ग्रोक का संवाद करना बेहद दिलचस्प है। यह सीरियस टोपिक्स के साथ-साथ व्यंगात्मक मिजाज में जवाब देता है , जो यूज़र को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है । ग्रोक सभी जवाब बिना किसी रुकावट के बिल्कुल सटीक देता है । चाहे वह किसी राजनीतिक पार्टी के बड़े लिडर से जुड़ा ही क्यों ना हो ।
3. ग्रोक-1 मॉडल पर आधारित: यह एक शक्तिशाली लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) पर आधारित है, जिस पर लाखों डेटा सेट का अध्ययन किया गया है। इससे यह विभिन्न क्षेत्रों की गहराई से समझ में आता है।
4. टेक्नोलॉजी और कोडिंग में दक्ष : ग्रोक पोर्टल, गणित और टेक्निकल प्रश्नों के भी बहुत सरल और आसान भाषा में उत्तर देता है।
5. हिंदी , अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं में निपुण : ग्रोक केवल हिन्दी,अंग्रेजी ही नहीं, बल्कि अन्य भाषा के शब्दों को भी समझ सकत है, जिससे इसे भारतीय और विदेशी उपभोक्ताओं के लिए और उपयोगी बनाता है।
ग्रोक का उपयोग कौन कर सकता है ?
वर्तमान ग्रोक में केवल X के प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स ही उपलब्ध हैं। इसका मतलब यह है कि अगर आपने एक्स पेड प्लान नहीं लिया है तो आप ग्रोक का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके लिए आपको पेड प्लान लेना होगा ।
ट्विटर (X ) पर ग्रोक का उपयोग कैसे करें ?
यदि आपके पास X का प्रीमियम+ प्लान है, तो ग्रोक का उपयोग बेहद आसान है .
- X ऐप या वेबसाइट पर लॉगइन करें।
- मेनू में “Grok” का विकल्प चुनें।
- उस पर क्लिक करें चाटुकारिता साहित्य।
- अब अपना प्रश्न या आदेश टाइप करें। उदाहरण :
- “आज की खास खबरें बताओ”
- “HTML और CSS में क्या अंतर है?”
- “एक जोक सुनाओ”
- ग्रोक आपको कुछ ही सेकंड में जवाब देगा वो भी मजेदार अंदाज में !
ग्रोक का भविष्य क्या हो सकता है ?
हालाँकि अभी ग्रोक केवल X प्लेटफॉर्म तक सीमित है, लेकिन भविष्य में इसके विस्तार में अपार संभावनाएं हैं। एलन मस्क का सपना है कि ग्रोक को ऐसे स्तर पर ध्यान दिया जाए जहां यह अन्य ऐप्स और वेबसाइटों में इंटीग्रेट हो सके शिक्षा, मनोरंजन, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी में सक्रिय भूमिका निभाई और एक वर्चुअल आर्किटेक्चर की तरह आपके डिजिटल जीवन का हिस्सा बन जाए
आखिर कुछ में :
ग्रोक केवल एक चैटबॉट नहीं, बल्कि स्पेशल टेक्नोलॉजी की एक नई क्रांति है। यह सिर्फ जानकारी नहीं देता है, बल्कि बातचीत को मनोरंजक, शानदार और जीवंत बनाता है। आने वाले समय में हम इसे शिक्षा, व्यापार, मीडिया और सोशल नेटवर्किंग जैसे क्षेत्रों में उपयोग करते हुए देख सकते हैं।
यदि आप टेक्नोलॉजी और आर्किटेक्चर में रुचि रखते हैं, तो ग्रोक का निश्चित रूप से प्रयोग करें-यह आपके डिजिटल अनुभव को बिल्कुल नया आयाम देगा।
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नमस्कार दोस्तों ! मै संदीप राना ! लेखक बस शब्दों से नहीं, विचारों से बात करता है। राजनीति, फाइनेंस ,इतिहास, और जीवन के हर कोने से जुड़े मुद्दों पर लिखना मुझे पसंद है। मेरा मकसद है जटिल बातों को आसान भाषा में आप तक पहुंचाना, ताकि पढ़ते-पढ़ते आप सिर्फ समझें नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर हो जाएं।
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