Muzaffarnagar- कावड़ियों के रूप में ठेले में दुकानो में लगी नेम प्लेट पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुजफ्फरनगर जिले में खुशी की लहर है। दुकानदारों ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया दुकानदारों ने क्या कहा चलिए जानते हैं।
मुजफ्फरनगर– उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कावड़ यात्रा के दौरान दुकानों वह ठेलों पर नेम प्लेट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए। मुजफ्फरनगर के लोगों में खुशी की लहर दौड़ उठी। मेरठ रोड पर लगे ठेले और दुकानदारों ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। कोर्ट का धन्यवाद करते हुए ठेले वालों ने और दुकानदारों ने नेम प्लेट के बोर्ड हटा दिए। इनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मुजफ्फरनगर के लोगों का कहना है की बोर्ड परमानेंट के लिए हट जाना चाहिए। हमें बहुत अच्छा लग रहा है। दिक्कत तो कुछ नहीं थी। लेकिन थोड़ा कम पर फर्क पड़ रहा था। अब पहले की तरह ही काम चलेगा, और यह परमानेंट के लिए हट जाना चाहिए।
पान की दुकान लगाने वाले शाह आलम ने बताया, यह सुप्रीम कोर्ट का बहुत ही ऐतिहासिक फैसला है। हम सबको बहुत ही ज्यादा खुशी हो रही है कि हमने बोर्ड हटा दिए हैं। यह तो भेदभाव था। यह बोर्ड परमानेंट के लिए हट जाना चाहिए । इसका काम पर बहुत गलत असर पड़ रहा था। और इससे दुकानदारी घट गई थी।
हम आपको बता दे की कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने यह फरमान जारी किया था। कावड़ यात्रियों के रूट में आने वाली दुकानें वह ठेलों पर नेम प्लेट लगानी होगी। सबसे पहले यह फरमान मुजफ्फरनगर में जारी हुआ था। अब सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला गलत बताते हुए। नेम प्लेट हटाने के आदेश दिए।
- बादशाह टटीरी विवाद: हरियाणा में फोक गीत पर केस, रैपर ने मांगी माफी
- Sanju Samson T20 World Cup 2026: Player of the Tournament बनकर रचा इतिहास
- पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड 2026: दिल्ली में महिलाओं की फ्री बस यात्रा अब डिजिटल, जानें पूरी प्रक्रिया
- दिल्ली मेट्रो मैत्री स्टैचू कौन है? जानिए पूरी सच्ची कहानी
- बिहार सरकार स्क्रीन टाइम कानून 2026: बच्चों के लिए सख्त नियम




