इनकम टैक्स आइटीआर में बड़ा बदलाव। टैक्सपेयर्स को क्या फायदा होगा। जानिए

गुजरात के चाय वाले को आयकर विभाग ने भेजा 49 करोड़ पेनल्टी का नोटिस जानिए सच्चाई।गुजरात में एक चाय वाले को आयकर विभाग ने 49 करोड़ के जुर्माने का नोटिस भेजा है। यह जानकर वह हैरान हो गया। दरअसल बात यह है। खेमराज दावे के खाते में 34 करोड रुपए के अवैध ट्रांजैक्शन को लेकर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नोटिस भेजा है। इससे पहले भी चाय वाले को दो नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन अंग्रेजी भाषा न जानने के कारण उन्होंने उसे नजरअंदाज कर दिया। जब तीसरी बार अगस्त 2023 में भी नोटिस आया तो वह इसे लेकर वकील सुरेश जोशी के पास चले गए और पूरा मामला जाना।

फाइनेंशियल ईयर 2023,24 इनकम टैक्स रिटर्न की फाइलिंग शुरू हो गई है। करोड़ों ऐसे टैक्सपेयर्स है। जिन लोगों ने अपना आइटीआर भर दिया है। और कुछ लोग भरने की तैयारी में है। आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। टैक्सपेयर्स के लिए आइटीआर भरना एक जरूरी जिम्मेदारी है। सरकार को टैक्स के बारे में सही जानकारी प्राप्त होती है।

 

बीती 13 मई को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी की गई। इसमें एनुअल इनफॉरमेशन स्टेटमेंट की फीडबैक क्षेत्र को लेकर चार बदलाव किए गए हैं उनकी मदद से अब टैक्सपेयर्स पर दिए फीडबैक का स्टेटस चेक करें।

इनकम टैक्स रिटर्न क्या है और इसे भरना क्यों जरूरी है।

इनकम टैक्स रिटर्न एक ऐसा फार्म है। जिसमें व्यक्ति या संस्था द्वारा अपनी इनकम और उसे वित्त वर्ष के दौरान दिए गए टैक्स के बारे में भारत सरकार के आयकर विभाग को जानकारी दी जाती है।

यह जानकारी किसी विशेष वित्तीय वर्ष से संबंधित होनी चाहिए। 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होनी चाहिए।

उसने आपकी इनकम बिजनेस में लाभ संपत्ति की खरीद बिक्री और ब्याज जैसे अन्य शामिल होते हैं।

आप सरकार के द्वारा दिए टेक्स्ट छूट की सीमा से अधिक कमाते हैं। तो आपको हर साल के टैक्स स्लैब के मुताबिक अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा‌।। अगर आपने एक एक वर्ष के दौरान अधिक टैक्स का भुगतान क्या है तो आपको आयकर विभाग द्वारा रिफंड मिलेगा।

गुजरात के चाय वाले को आयकर विभाग ने भेजा 49 करोड़ पेनल्टी का नोटिस जानिए सच्चाई।

तय तारीख के बाद अपना आईटीआर दाखिल करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234F के मुताबिक जुर्माना भी लग सकता है। और भविष्य में लोन या वीजा लेने में परेशानी हो सकती है। अगर आप 25 लाख रुपए से ज्याद टैक्स चोरी करते हैं तो आपको 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा हो सकती है।

AIS क्या होता है। और इसमें किस तरह की जानकारी होती है।

AIS ‌ का मतलब एनुअल इनफॉरमेशन स्टेटमेंट आपके द्वारा एक वित्तीय वर्ष में किए गए सभी टैक्सेबस फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी होती है। अगर आसान भाषा में कहे तो यह फॉर्म 26as एक विस्तृत रूप होता है। इसमें टीडीएस TCS और टैक्स रिफंड जैसी सभी चीजों की जानकारी जुड़ी होती है।

इनकम टैक्स रिफंड मिलने में कितना समय लगता है।

हाल के वर्ष में इनकम टैक्स रिफंड के प्रक्रिया मैं काफी तेजी आई है। अगर आइटीआर को सही तरीके से भरा गया है। तो कुछ ही हफ्तों में आपको रिफंड मिल जाएगा। वही आइटीआर के मामलों में 6 महीने से ज्यादा देर नहीं होती है।। डिफरेंट करियर होने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा मेल भेजा जाता है इसके अलावा आईटीआई स्टेटस को इनकम टैक्स की ऑफिशल वेबसाइट पर भी देख सकते हैं।

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *